बोलो प्रभु ! कौन हूँ मै? (कविता )

बोलो प्रभु !बोलो ! तुम्हें आज  बोलना होगा , कौन हूँ मै ? इस सवाल का जवाब देना होगा । मै औरत हूँ जगतजननी , शक्तिस्वरूपा अगर , क्योंकर बनाया मुझे भोग्या इस…

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बौद्ध पर्यटन संकिसा का प्राचीन इतिहास

लेखक ::  शास्त्री राहुल सिंह बौद्ध  कुशवाहा आपने भगवान गौतम बुद्ध के विषय में सुनने के साथ-साथ उनसे संबंधित स्थानों जैसे कि 'गया' और 'सारनाथ' के विषय में भी सुना होगा किंतु भारत…

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दुविधा

कदम आगे बढ़ाऊं या कदम पीछे हटाऊं या राह के जिस मोड़ पे खड़ी हूं वहीं ठहर जाऊं वहीं कोई घर बसाऊं उसमें उम्मीदों का दीया जलाऊं या कोई अलग रास्ता अलग मंजिल…

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प्रेम लीला

चाक से कटकर उतरा सकोरा अभी कच्चा है इसे धूप लगने तो दो एक आंचल में लगी प्रेम की आंच चुभने तो दो इसे पकने तो दो परिपक्व होकर 'कुछ कर गुजरने' को…

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मेरी आत्मा

खुरदरी मटमैली रस्सी के धागों सी रेशेदार टेढ़ी मेढ़ी दबी हुई कुचली हुई भयभीत तोड़ी हुई मरोड़ी हुई छिली हुई रेत से भरी नमक सी नमकीन जिन्दगी की भाड़ में भुनी एक खाकी…

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जाते हुए पल

यह जाते हुए पल हैं यह आंसुओं से भीगे हुए कल हैं यह पांव रेत में धंस गये हैं दरारों से भर गये हैं यह दर्द की एक इंतहा है यह रिश्तों को…

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हे राम

हे राम तोहरी नगरी // बदनाम होय रही है // बुरायी घुस गयी है // सच्चाई रो रही है //हे राम वातावरण है दूषित // महत्ता खो रही है // लाचार पड़ा शासन…

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मतलबी यार

आना आना मतलबी यार // मगर दिल साथ न लाना॥ जब तुम साथ में दिल लाओगे॥ वादा पूरा न कर पाओगे॥ मुझको पडेगा पछताना || मगर दिल साथ न लाना॥ जब साथ में…

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घटती है अजीब घटना नेताओ के महल में

होती है आतिश बाजी रुक रुक के शहर में॥ घटती है अजीब घटना नेताओ के महल में॥ कुछ पड़े जेल के अन्दर कुछ बाहर टहल रहे है॥ कुछ की जुबान मीठी कुछ यूँ…

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पत्तों का संसार

पत्तों से हरियाली है हरियाली से बहार नहीं फूलों से बहार है बहार से हरियाली नहीं पत्ते झड़े तो पतझड़ है फूल खिले तो बहारों से सजे उपवन हैं फूलों के बिना पत्ते…

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भगवान बुद्ध के कल्याण कारी सूत्र ।। नमो बुध्दाय।। राहुल सिंह बौद्ध कुशवाहा

🌷🌷🌷🌷सभी को धम्म कामनाएँ 🌷🌷🌷 नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्म बुद्धस्स, ३ बार बुद्धं संकेतं, धम्मं ज्ञं, संघं गणं गच्छामि, ३ बार ************ गाथा - बाहु सच्चञ्च सिप्पं च, विन्यो च। कुशाक्खितो! सुभासिता च…

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मेरे अल्फाज

ऐसी प्रेमभरी निगाहों से आईना देखती हूँ, जैसे सामने महबूब हो,और बस उसे ही देखती हूँ इस दिल से एक खता हो गई,मैं उसका हो गया और'वो'मेरी हो गई,यह प्यार का सिलसिला कुछ…

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