हिन्दी लेखक डॉट कॉम

हिन्दी लेखक डॉट कॉम

निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल

Submit

अनुभव पत्रिका

नव प्रकाशित रचनाएँ

इंतजार सिर्फ तुम्हारा
शायदतेरे इंतज़ार लायक हो चुका हूँइसीलिए उसी मोड़ पर वापिस लौट आया हूँ।।
पूरा पढ़ें ... "इंतजार सिर्फ तुम्हारा"
नई आशा, नई किरण
पूर्ण  मिला  है बहुमत तुमको ,अब मंदिर बनवाना नेताजी । राष्ट्रवाद  और  राष्ट्रधर्म को नारा न बनाना नेताजी ।
पूरा पढ़ें ... "नई आशा, नई किरण"
माँ
मुश्किलों में मुश्किलों, से लड़ना सिखाती है, वह माँ है हर दिन, एक नया सबक सिखाती है ।
पूरा पढ़ें ... "माँ"
इंसान
उठ,आगे बढ़ और छू ले आसमानअपने अन्तर्मन की शक्ति को पहचान
पूरा पढ़ें ... "इंसान"
एक दिन एक अनुभव
अब मुझे मालूम हुआ उस का पति बस चालक हैं। इसलिए टिकट के लिए कोई हमारे पास न आए ।
पूरा पढ़ें ... "एक दिन एक अनुभव"
उनको देखा तो ये ख़्याल आया
उनको हम पसंद न हो तोहाथ में चलती हुई पेन भी लक्ष्मीबाईकी तलवार से कम नहीं लगती
पूरा पढ़ें ... "उनको देखा तो ये ख़्याल आया"
नई कलम
चुपचुप लेकर जाती नई कलम को पोती लिखती लिखती डेर सारे लिखती कागज पर नहीं नया बना हुआ दीवार पर...
पूरा पढ़ें ... "नई कलम"
दिल्ली की दिल्लगी
तेरे संग मेट्रो में चढ़ करके ॥ पूरी दिल्ली घूमूगी॥
पूरा पढ़ें ... "दिल्ली की दिल्लगी"
थोड़ा करीब तो आने दे
मिलन के मौके तो मिले तमाम थे जिंदगी मेंनामंजूर था जमाने को, हुआ खफा तो होने दे !!
पूरा पढ़ें ... "थोड़ा करीब तो आने दे"
माँ की याद
पेट तो भर लेता हूँ हर एक रोज़ किसी तरह मगर बिन तेरी रोटी के माँ भूख नही मिटती !!
पूरा पढ़ें ... "माँ की याद"
जिन्दगी
ये किस मोड़ पे जिंदगी ने खड़ा कर दिया बाली उम्र में हमे तज़ुर्बे से बड़ा कर दिया उम्र अठखेलियों...
पूरा पढ़ें ... "जिन्दगी"
अरमान
अब बर्दाश्त नहीं होती तुझसे ये दूरियाँ... तेरी चाहत मे भीग जाने को जी चाहता है..
पूरा पढ़ें ... "अरमान"
बरसात
एक सुहानी लम्बी सी रात में क़शिश हो उसकी हर बात में
पूरा पढ़ें ... "बरसात"
लड़की
छुईमुई जैसी शरमाई सी... सब बस एक ख्वाब
पूरा पढ़ें ... "लड़की"
नारी
लड़की आखिर क्या होती है? किसी के लिये सिर्फ़ एक सूरत प्यारी. किसी के लिये सिर्फ़ दहेज़ की लाचारी.
पूरा पढ़ें ... "नारी"
चांडाल
आते हीं आलाप करेगा, अनर्गल प्रलाप करेगा, हृदय रुग्ण विलाप करेगा, शांति पड़ी है भ्रांति सन्मुख,
पूरा पढ़ें ... "चांडाल"