हिन्दी लेखक डॉट कॉम

हिन्दी लेखक डॉट कॉम

निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल

Submit

अनुभव पत्रिका

नव प्रकाशित रचनाएँ

दूषित न करो जवानी
रोग न लगने पाये दूषित न करो जवानी लिखनी है तुम सब को मानवता की एक कहानी प्रातःकाल में उठ...
पूरा पढ़ें ... "दूषित न करो जवानी"
बासों के जंगल
वक्त बेरहम एक मिसरी की डली को भी तीखी लाल मिर्ची बना देता है आत्मा लहूलुहान फौलादी शरीर से लहू...
पूरा पढ़ें ... "बासों के जंगल"
अधिकार
स्त्री की दशा का वर्णन हर रोज़ मुनासिब कोशिश कर रही अधिकार अपने पाने को आँचल से ढाक रही तन...
पूरा पढ़ें ... "अधिकार"
जन्मदिन के अवसर पर ग़जल।
कोई है होठों तक, बे-पर्दों में आया। रातें भी पहचानें, जो ख्वाबों में आया। बेला सा महके हैं, सारा तन-मन...
पूरा पढ़ें ... "जन्मदिन के अवसर पर ग़जल।"
प्रेम
यह प्रेम का पल है अनमोल है एक गहरा राज जो छिपा था दिल के भीतर उजागर भी है यह...
पूरा पढ़ें ... "प्रेम"
सूनापन
एक विवाहिता जिसने विवाहित जीवन की शुरुआत में ही अपने सुहाग को खो दिया उसके मन के भाव नैनो में...
पूरा पढ़ें ... "सूनापन"
विश्राम स्थल
धुंधले धुंधले साये हैं रोशनी मिट रही है रंग धूल रहे हैं भोर थक गई है सांझ हो चली है...
पूरा पढ़ें ... "विश्राम स्थल"
इश्क़
ज़मीं पर गिरी बारिश की पहली बूँद सा है वो तन पर मलय की छुअन की पहली सिहरन सा है...
पूरा पढ़ें ... "इश्क़"
बेटिया ही ख़ुशी बेटिया ही खजाना
बेटिया ही ख़ुशी बेटिया ही खजाना || बेटियों को न यारो गर्भ में गिराना || इन्ही से है रिद्धि इन्ही...
पूरा पढ़ें ... "बेटिया ही ख़ुशी बेटिया ही खजाना"
भूख – प्यास की क्लास ….!!
भूख - प्यास की क्लास ....!! तारकेश कुमार ओझा क्या होता है जब हीन भावना से ग्रस्त और प्रतिकूल परिस्थितियों...
पूरा पढ़ें ... "भूख – प्यास की क्लास ….!!"
शुरुआत
अधजली सी लाश मैं हरियाली से भरूं श्वास मैं पानी से समझूं प्यास का अर्थ बादल जो बरसे घनघोर बारिश...
पूरा पढ़ें ... "शुरुआत"
फटा नोट
वो नोट जो फटा था, मेरी जेब में पड़ा था। बैचेन मन उसका बड़ा, देखूँ मैं सारा जहां। ठुकराया गया...
पूरा पढ़ें ... "फटा नोट"
चन्द्रग्रहण
चाँद कहे धरा से थोड़ा सा तो खिसक ले, कर लूँ दीदार मैं भी अपने चमन का, अब कुछ घुटन...
पूरा पढ़ें ... "चन्द्रग्रहण"
हम है अथाह सागर
सज धज के तुम खड़ी हो॥ ममता का लेके गागर॥ हम है अथाह सागर॥ तुमको समेट लेंगे॥ मूर्छित हुआ मेरा...
पूरा पढ़ें ... "हम है अथाह सागर"
विलुप्त प्राय हमारा भविष्य
सुनकर आश्चर्य हो रहा है! परंतु यह वास्तविकता के काफ़ी नज़दीक है। पहले हमने सुना होगा की गिद्ध जैसे अनेक...
पूरा पढ़ें ... "विलुप्त प्राय हमारा भविष्य"
नीलकंठ
नीले आसमां से नीली बारिश ने सब कुछ नीला कर दिया नीले रंग से सब नहला दिया नीला रंग सब...
पूरा पढ़ें ... "नीलकंठ"