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Sep 6, 2017
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कामवाली

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कहानी।। कामवाली।।
आज सवेरे ही सवेरे फोन की घंटी बजी मेरी (कामवाली) अनीता का फोन था। अनीता बोली आज मैं काम करने नहीं आउंगी। मुझे गुस्सा आ रहा था बड़बड़ाती हुयी काम कर रही थी पहले से बता कर नहीं सकती थी अब सवेरे के समय बता रही है सारा काम बिखरा हुआ है। चलो सोचा काम तो मुझे ही करना है जैसे तैसे सारा काम कर लिया।।
दुसरे दिन अनीता आयी। उसको देखकर मैं चौंक गयी। हमने देखा उसके काफी चोट लगी हुई है। गुस्सा था मन में सोचा था आएगी तभी डांट लगानी है। उसकी चोट देखकर गुस्सा दूर हो गया। हमने उससे पूछा ये चोट कैसे लगी। अनीता बोली मेरे आदमी ने मुझे मारा है। और इतना मारा कि कल काम पर नहीं आ सकी उसकी चोट देखकर हमारा मन दृवित हो गया।।
मैं बोली तुम अपने आदमी से क्यों इतना पिटती हो। पुलिस में जाकर शिकायत क्यों नहीं करती जब जेल जाएगा तब उसकी अक्ल ठिकाने आएगी।अनीता बोलीं कैसी बातें करती हैं आप मालकिन। हमारे पति को हमें मारने का हक है वह तो हमें रोज मारता है इसबार उसने थोड़ा ज्यादा पिटाई लगा दी लेकिन है तो हमारा पति ही।मैंने उससे पूछा जब रोज पीकर आता है तो घर का खर्च कैसे चलता है।।
अनीता बोलीं बहुत मुश्किल से घर चलाती हूँ जैसे तैसे। मेरा आदमी रिक्शा चलाता है और अपनी कमाई शराब में फूंक देता है। मेरे दो बच्चे हैं स्कूल जाते हैं। किसी तरह पढ़ा रही हूँ सड़क पर जो स्कूल होते हैं। वहीं पढ़ने जाते हैं। बस इसी तरह घर घर काम करके खर्च चलातीं हूँ। पर अपना पति तो देवता होता है।।
मैं उसकी बातें सुनकर कर दंग रह गयी। इतनी मार खाने के बाद भी अपने पति से नाराज नहीं है जबकि रोज मार खाती है घर का सारा खर्च चला रही कोई शिकवा नहीं। रोज पति आकर हुड़दंग करता है कोई मलाल नहीं।।
ये कैसा पतिधर्म है। मैं सोच रही थी ये प्रतिवर्ता नारी है या अशिक्षा का कारण मुझे समझ नहीं आ रहा है।।

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Comments to कामवाली

  • Heart touching

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    Phool Singh Kumpawat September 24, 2017 9:02 pm

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