कुछ शेर

By | 2017-11-10T12:30:09+00:00 November 10th, 2017|अन्य|0 Comments

१,    चिराग का पीछा करते अँधेरा आया हाथ,

ऐसी मुक़द्दस तकदीर से और क्या कर सकते थे हम उम्मीद .

२,   दिल तेरी यादों से महरूम न रहा ,

महसूस कर तेरी गैर-मौजूदगी ,जिंदगी हमें खाक लगी.

३,   गम -ऐ-दिल जिंदगी से इस हद से गुजरा ,

जुबां से आह बनकर अश्क-e-सैलाब निकला .

४,    गुल न सही ,खार ही सही ,

तबस्सुम न सही खलिश ही सही ,

वक़्त और रफीकों से हमें कुछ तो मिला ,

प्यार न सही ,नफरत ही सही.

 

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संक्षिप्त परिचय नाम — सौ .ओनिका सेतिया “अनु’ , शिक्षा — स्नातकोत्तर विधा — ग़ज़ल, कविता, मुक्तक , शेर , लघु-कथा , कहानी , भजन, गीत , लेख , परिचर्चा , आदि।

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