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Sep 9, 2017
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क्षमा

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दोनों दोस्तों में वाट्सेप  पर बहस चलते-चलते झगड़ा गाली गलौज तक पहुंच गया और अंत में एक  दूसरे को मारने की धमकियां दी जाने लगी  ” मैं भी कल देख लूंगा तुझे” ,,,,,,कहकर अमन ने फोन पटक दिया और सोने का उपक्रम करने लगा । मां ने मोबाइल उठा कर सारी बातें पढ़ ली और अमन से बोली -“यह क्या चल रहा है मैंने सब पढ़ लिया है तुम्हारे फोन पर”, ,,,,अमन उठ कर बैठ गया बोला -“आप ही बताओ गलती तो उसी की है ना”  मां बोली-” हां गलती उसने की थी झगड़ा शुरु करने की , पर अब गलती तुम कर रहे हो ” मैंने क्या किया ?”               “तुम्हारी बातों से तुम्हारी तरह उसे भी तो चोट पहुंची है , तुम उसको लिखो कि “मेरे शब्दों द्वारा तुम्हें यदि चोट पहुंची हो तो मैं तुमसे क्षमा मांगता हूं  “|             अमन आनाकानी करता रहा पर मां की जिद के आगे उस की नहीं चली, उसने मैसेज डाल दिया ।पॉच मिनट बाद ही वहां से मैसेज आया “दोस्त तूने तो मुझे रुला दिया,,,, गलती मेरी थी और क्षमा तू मांग रहा है ,क्षमा तो मुझे मांगना चाहिए थी चल माफ कर दे मुझे ,,,,,कल सुबह मिल ,उसी हलवाई के यहां नाश्ता करने चलेंगे जिसके समोसे तुझे बहुत पसंद है”   अमन की पलकों के नीचे  कुछ मोती सा चमकता हुआ देख मां मुस्कुराती हुई अपने कमरे में चली गई ।

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लघुकथा

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