नमस्कार!   रचनाएँ जमा करने के लिए Login करें जब याद तुम्हारी आती है · हिन्दी लेखक डॉट कॉम
Oct 7, 2017
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जब याद तुम्हारी आती है

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काले बादल छा जाते ही
याद तुम्हारी आ जाती है।
बोले रे पपीहा पीहू पीहू
बारिश का संदेशवा देते हैं
सूर्य किरणें फूलों पर पड़े
नदियां में कमल खिल जाते
दिल का कमल कैसे खिलता
पास नहीं जब तुम मेरे
माला मोतियों से गूंथी हुई
ये मोती मन का अक्षर है
प्रेम की शब्दावली बनी
किताब में लिखना बाकी है
भूले हो हर अक्षर को
क्या भूल हूई मुझसे है

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कविता

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