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Sep 30, 2017
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जय अम्बे जय माता दी

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जय भवानी जय अम्बे माता
सुन ले पुकार हमारी माता
सहा न जाए कलियुग जीवन
चारों ओर पाप ही दिखता
न्याय न कहीं देखे से मिलता
रग रग में भरी भष्टाचारी
नेता भी हमसे ही निकले
कैसे दोष किसी को दे दें
हम सब एक माटी के चूल्हे
दोषी हम सब ही हैं माता
कब आएगा सतयुग जीवन
कब होगें हम राम और सीता
कब आएंगे प्रिय क्रष्ण हमारे
कैसे बनेंगे फिर हम राधा
हमको बस इतना बतलादे
कलियुग जीवन सहा न जाए
जय भवानी जय अम्बे माता
सुन ले पुकार हमारी माता

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कविता

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