नमस्कार!   रचनाएँ जमा करने के लिए Login करें जय माता दी · हिन्दी लेखक डॉट कॉम
Sep 30, 2017
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जय माता दी

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नमस्कार अम्बें जयन्ती भवानी
नमस्कार स्वीकार करो मां
भंडार सदा ही भरना
ज्ञान और बुद्धि सदा ही देना
हर संकट को हरने वाली
रक्षा बैरी से करने वाली
दुष्ट संहारिनी है तू माता
बेटी पर कृपा तू करना

जो तेरी स्तुति करे। संकट हो जाए पार
जैसे मां की कृपा पड़े। बेड़ा हो जाए पार

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Article Categories:
कविता

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