नमस्कार!   रचनाएँ जमा करने के लिए Login करें जुबाँ पर बात आते आते... · हिन्दी लेखक डॉट कॉम
Oct 10, 2017
37 Views
0 0

जुबाँ पर बात आते आते…

Written by

 

विधा- गज़ल
रद़ीफ – आते आते
ठहर गई जुबाँ पर बात आते आते ।
गहराया दिल में अँधेरा रात आते आते ।।

मचलकर दम तोड़ गए अरमान दिल में ,
लौट गई जब ख्वाबों की बारात आते आते ।

सोचता हूँ तन्हाई में कमी क्या है मेरे इश्क में ,
ठहर गए क्यों तेरे दिल में मेरे ख्यालात आते आते ।

विरान हो रही है बस्ती मेरे सुनहरे सपनों की ,
जब रूक गई खुशियों की सौगात आते आते ।

कल तक तो तू मेरी तस्वीर को दिल में सजाती थी
बहक जाते हैं क्यों तुझ तक जज्ब़ात आते आते ।

खामोश बुत की मानिंद देखता रहा “मनु” ये मंजर ,
जो हो गई जुदाई वक्त -ए- मुलाकात आते आते ।

स्वरचित
मनोज कुमार सामरिया “मनु”

Rating: 2.5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...
Article Categories:
गीत-ग़ज़ल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिन्दी लेखक डॉट कॉम का सदस्य बनें... अपनी रचनाएँ अधिक से अधिक हिन्दी पाठकों तक पहुचाएँ ... वेबसाइट में प्रकाशित रचनाओं पर कमेंट्स एवं रेटिंग्स देकर लेखकों का प्रोत्साहन करें...

Social connect: