दिल के अरमान

दिल के अरमान

तुम ही दोस्त और तुम ही प्यार हो, ये दो दिलों की एक चाह हो। तुमसे ही सुबह और तुमसे ही शाम हो, बस दो दिलों में एक अरमान हो। तुमपे हर खुशी और तुमपे ही जाँ निशार हो, यही दो दिलों में एक ख्वाब हो। ये तो हैं मेरे दिल के अरमान, तू भी बता दे क्या हैं तेरे दिल के अरमान ?….

तुम ही मेरा ऐतबार हो तुम ही मेरा प्यार हो, कैसे में दिखाऊँ की कितना प्यार है। जीवन का फलसफा हो खुशियों से भरा, उन्ही कुछ अदाओं पे है ये दिल फिदा। हैं बहुत ही निराली तेरी शोखियाँ अदायें, जी चाहे रख लूं इनको दिल में सदा को बसाकर। ये तो हैं मेरे दिल के अरमान, तू भी बता दे क्या हैं तेरे दिल के अरमान ?….

तुमको मैं क्या समझाऊं की बिन तेरे मेरा क्या हाल है, मुझे कल भी इंतेज़ार था तेरा और आज भी है। आके अब मेरी ज़िंदगी में यू समां जाओ, कि तुम मेरी पहचान बनो मैं तेरी पहचान। के दोनों मिलकर बन जाएं हम दो दिल एक जान। ये तो हैं मेरे दिल के अरमान, तू भी बतादे क्या हैं तेरे दिल के अरमान ?….

 

सुबोध कुमार पटेल

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