नमस्कार!   रचनाएँ जमा करने के लिए Login करें देखते देखते · हिन्दी लेखक डॉट कॉम
Aug 1, 2017
51 Views
2 0

देखते देखते

Written by
दिल तेरा हो गया देखते देखते
क्या से क्या हो गया देखते देखते॥
तूने तीरे नज़र से क्यों लूटा हमें
हम थे खुद लुट गये देखते देखते॥
अपने  जलवों से अब तो ना मारो हमें
हम तो खुद मर गये देखते देखते॥
तेरी आँखें मुझे जाम देती रही
मैं भी पीता रहा देखते देखते ॥
डाला जुल्फों में तेरी जो डेरा सनम
घर से बेघर हुये देखते देखते॥
मेरे अश्कों की तुम भी तो परवाह करो
ये जहां रो पड़ा देखते देखते॥
हमने अपनी वफाओं से सींचा तुम्हें
बेवफा तुम हुये देखते देखते॥
ये मौसम बहारों का पहले भी था
हमको पतझड़ मिले देखते देखते॥
‘प्रेम’ की राह ‘संजय’ है मुश्किल ज़रा
सब सम्भल कर चलें देखते देखते॥
© संजय कुमार शर्मा ‘प्रेम’
No votes yet.
Please wait...
Article Tags:
Article Categories:
गीत-ग़ज़ल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिन्दी लेखक डॉट कॉम का सदस्य बनें... अपनी रचनाएँ अधिक से अधिक हिन्दी पाठकों तक पहुचाएँ ... वेबसाइट में प्रकाशित रचनाओं पर कमेंट्स एवं रेटिंग्स देकर लेखकों का प्रोत्साहन करें...

Social connect: