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Dec 2, 2017
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प्यार की बाते

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प्यार की बाते जरा
करलो तुम बैठ कर ।
छुपकर तुमसे मिलने आना ।
कर के दुनीया से बहाना ।
दो पल निकाल लो मिलने को ।
हमे एक दुसरे मे ढुबने को ।
हाथ पर हाथ रखलो तुम बैठ कर ,
प्यार की बाते जरा
करलो तुम बैठ कर ।
नदी किनारे सुरज जब भी ढुबता है ।
तुझसे आलग होने का दर्द मन मे पलता है ।
जल्द जल्द ही प्रेम की बात हो जाये ।
क्या पता कब ये रात हो जाये ।
फिर मिलने का वादा करलो
तुम बैठ कर ।
प्यार की बाते जरा
करलो तुम बैठ कर ।
      ” अजय वर्मा “
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Article Categories:
गीत-ग़ज़ल

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