प्रेम पत्र

By | 2018-01-07T00:07:07+00:00 January 7th, 2018|कविता, प्रेम पत्र|1 Comment

मेरे प्रिय प्रेमी,
लिखना चाहती हू ढेर सारी बातें भरे
प्रेम पत्र
पर
लिखा न पाती एक तिनका अक्षर ।
क्यों
समझ न पाती ।
क्या पत्र से निकालनेवाला है प्रेम?
नहीं
आँखों में फँसकर
मन पर लिपटकर
साँस में व्याप्तवाला है प्रेम ।
इसलिए
मेरे प्रिय प्रेमी
लिखना चाहती हू ढेर सारी बातें भरे
प्रेम पत्र
पर
लिखना न पाती एक तिनका अक्षर ।
आप की प्रेयसी

के पद्मिनी

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One Comment

  1. Chandramohan Kisku January 7, 2018 at 8:06 am

    सुन्दर कविता

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