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Sep 22, 2017
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में और मेरी ये बोतल

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में और मेरी ये बोतल

पापा में नहीं पी सकती हूँ ना इस प्लास्टिक की बोतल से दुधु आपको मेरे फीलिंग समझनी चाइए में आपकी की बेटी हूँ आपको पता होना चाइए की मुझे क्या पसंद है क्या नहीं ये क्या पापा फिर मुझे गोदी में बैठा कर दुधु पिलाने की जिद में अड़े हो और में भी जब तक आपके मोबाइल में वो लकड़ी की काँठी न देख लू तब तक जुठ में ही मुँह को टेड़ा मेड़ा बना कर चली जाउंगी माँ के पास और फिर गिरा दूंगी आपकी सब्जियों की टोकरी अब मेरी तरफ क्यों देख रहे हो आपको पता है न में दिन में ४ बार देखता हूँ।

हे राम फिर से मुसीबत मेरे आगे पीछे क्यों घूम रहे हो पता है मेले को दही खानी है बस नहीं तो में मुँह टेड़ा कर दूंगी अले पापा आपको पता है हम दिन में चीजी खाते है पर मुझे नहीं पता क्या खाते है कभी मीठा तो कभी नमकीन टाइप होता है।
हे लाम फिर से मुसीबत मेरे आगे पीछे क्यों घूम रहे हो पता है मेले को दही खानी है बस नहीं तो में मुँह टेड़ा कर दूंगी अले पापा आपको पता है हम दिन में चीजी खाते है पर मुझे नहीं पता क्या खाते है कभी मीठा तो कभी नमकीन टाइप होता है।

पापा आपके लाये हुए सारे खिलोने में तोड़ दिए आपका छोटा भीम वाला खिलौना और ये आपकी चु मु करने वाले खिलोने मुझे अब और ढेर सारे खिलोने चाहिए और एक ो मोबाइल जिसपर में लकड़ी की देख सकूँ।

श्याम जोशी
वैदेही जोशी

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बाल कथाएँ

Comments to में और मेरी ये बोतल

  • aayee…bottle…:* :*

    badi hoke boli papa me exact yai sochti thi…hehehe…

    Rating: 5.0. From 1 vote. Show votes.
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    Aditi Rathi September 22, 2017 3:53 pm

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