यादो के लमहे

By | 2018-01-08T00:41:07+00:00 January 8th, 2018|गीत-ग़ज़ल|1 Comment

उन यादो के लमहों को हमें अब भूल जानें दो।
ना बातों को कुरेदो अब, ना कुछ अब याद आने दो।
मोहब्बत में बेवफाई का सबब तुमको नहीं मालूम?
तुम्हारी याद में तडपे कोई, तुमको नहीं मालूम?
नहीं मालूम तुमको प्यार की पूजा है क्यो करते?
नही मालूम तुमको इश्क में धोखा नहीं करते?
नहीं मालूम तुमको दर्दे उल्फत की वजह क्या है?
नहीं मालूम तुमको दिल लगानें की सजा क्या है?
अगर मालूम होता तो मोहब्बत में वफा होती,
तडप जितनी इधर है उससे ज्यादा भी उधर होती।

उन यादो के लमहों को हमें अब भूल जानें दो।
ना बातों को कुरेदो अब, ना कुछ अब याद आने दो।

अगर कुछ याद आया तो, फिर बरसेंगी मेरी आंखे,
बरसनें की वजह होंगी तुम्हारी प्यार की बाते
इन बातों का नहीं दिल में तेरे एहसास बाकी है
अगर बाकी है तो बस दिल में तेरे एक चीज बाकी है।
तुम्हारे दिल की चाहत है कि मैं अब दूर हो जाऊ
तुम ना देखो मुझे अौर ना तेरे मैं पास अब आऊं।
अगर तेरी तमन्ना है तो हम खुद को दूर कर लेंगें
रहो तुम खुश हमेशा हम यूंही मर-मर के जी लेंगें
तुम्हार साथ शायद कुछ पलों का ही बस होना था।
तुम्हारी बातें झूठी थी हमें बस तन्हा रोना था।

उन यादो के लमहों को हमें अब भूल जानें दो।
ना बातों को कुरेदो अब, ना कुछ अब याद आने दो।

सुरेन्द्र श्रीवास्तव

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One Comment

  1. बहुत सही भाई

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