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Aug 10, 2017
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लड़कियां

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ऐसी क्यों होती हैं?

ये लडकियां….

भोली….मासूम….खोई-खोई….सी

चलते-चलते ठिठक जाती हैं,

अभी कुछ कहा …..अभी भूल जातीं हैं

ये लडकियां….

मांगा जाता है कुछ ….कुछ और ही

उठा कर ले आतीं है,

ये लडकियां …..

कभी-

दिखाई देती हैं ….

कभी-

छुप जातीं हैं….

एक दूसरे की आड़ में

ये लडकियां….

अक्सर …..

अल्लहड सी नजर आती हैं

बे-वजह हंसती हैं …खिलखिलाती हैं

ये लडकियां …..

कभी-

बे-वश सी घबरा कर सिमट जातीं हैं

बार-बार

अपनें दुपट्टों को फिर-फिर संवारतीं हैं

ये लडकियां ……

नज़रें झुका कर अपनी

भरे बाज़ार से चुपचाप गुज़र जातीं हैं

ये लडकियां …..

 

नाम – शची

शहर- वाराणसी (उत्तर-प्रदेश)

 

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कविता

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