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Aug 11, 2017
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शहीद की पत्नी

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पन्द्रह अगस्त आने वाला है एक शहीद की पत्नी अपने पति को याद करते हुए
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भारत में तुम शहीद हुए
भारत को तुम पर गर्व हुआ
गर्व मेरा भी हो साजन
पर याद तुम्हारी आती है
बेटा मेरा आंचल खींचे
मुझसे पूछे रो-रोकर
पापा कब आएंगे
कैसे बोलूं उसको मैं भी
तिरंगे में पापा ही आए थे
पिता तुम्हारे बुजुर्ग हुए
कुछ काम नहीं कर पाते
घर और बाहर कैसे देखू
मुझे समझ नहीं आता है
शीतल हवा जब चलती है
हवा का झोंका आता है
मेरे बालम मेरे साजन
तब याद तेरी आती है
मैं दरपन में क्या देखूं
जब तुम ही मेरे पास नहीं
साज श्रंगार सुन साजन
बीते दिनों की बातें हैं
भारत में तुम शहीद हुए
भारत को तुम पर गर्व हुआ

शहीदों की विधवाओं को हमारा नतमस्तक स्नेह शील जय हिंद ऐ जिन्दगी तुझे सलाम

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कहानी

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