सनक

By | 2018-01-04T20:46:30+00:00 January 4th, 2018|कहानी|0 Comments

31 तारीख है दिसंबर का महीना है कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, मेरे पति अभी तक नहीं आए हैं नये साल की पार्टी में गये हैं एक बज चुका है। बच्चे सो रहे हैं बच्चों की वजह से मैं भी पार्टी में नहीं गयी बाहर बारिश हो रही है मुझे नींद नहीं आ रही है। तभी बाहर आहट सी होती है
ऐसा लगता है कि पति आ गये हमने दरवाजा खोला पति अंदर आ गये हैं और अपने कीचड़ के पैर बिना पोछें अंदर ले आये हैं देखते ही मेरा गुस्से से पारा चढ़ जाता है, हमने गुस्से में बोला कितनी बार कहा है आपको आपसे पैर धोकर और पोंछ कर अंदर आया करो, आप मेरी एक बात नहीं सुनते, इसी बात पर बहस शुरू हो गयी।।
और मुझसे कहने लगे सफाई की सनक मत लेकर घुमा करो, सफाई के लिए इनाम नहीं मिलने वाला है शहर में पर हमें चिड़चिड़ाहट हो रही थी, पोंछा लाकर पोंछा लगाया तभी थ्यान आया कहीं किसी और की तौलिया से हाथ नहीं पोंछ रहे भागकर अंदर जाती हूँ तो देखती हूँ बच्चों की तौलिया से हाथ पोंछ रहे हैं। मैं बोली क्या कर रहे हो अपनी तौलिया से हाथ क्यों नहीं पोंछ रहे हो। ये एक गंदी आदत है। मेरे पति गुस्से में बोले क्या हो गया तौलिया में क्या चिपक गया थोड़ी देर नोकझोंक हुयी फिर सो गये।।
अक्सर सफाई की वजह से हमदोनों में लड़ाई हो जाती थी। सवेरे उठे फटाफट बच्चों को तैयार किया। स्कूल बस आ गयी बच्चों को छोड़ा अंदर आ गयी। अंदर आकर देखती हूँ अलमारी के सारे कपड़े इधर उधर बिखरें हुए हैं
साहब कपड़े निकाल कर नहाने गये हैं, देखते ही हमारा पारा चढ़ गया मुझे गुस्सा आया और जोर जोर से बोलने लगी दोनों में बहस हो गई साहब बिना नाश्ता के आफिस चले गये थोड़ी देर परेशान रही फिर घर को सजाने में तल्लीन हो गई।।
अचानक मेरी सहेली( महक) आ गई। हंसकर कहने लगी, घर तो बहुत ही सुन्दर सजा रखा है बड़े ही करीने से सजाती वाह वाह फिर हम आपस में बैठकर बातें करने लगे। मैं पति की शिकायत करने लगी बहुत ही अस्तव्यस्त रहते हैं कभी भी कोई सामान अपनी जगह पर नहीं रखते हैं, महक ये सुनकर हंसने लगी सम्भल जा बहन ज्यादा लड़ाई मत किया कर कहीं तेरा पति तंग आकर तुझे छोड़ कर ना चला जाए, फिर बताने लगी उसकी जानकारी में हैं सफाई के कारण उन पति पत्नी में लड़ाई रहती थी इसी कारण तलाक हो गया बहुत प्यार था उन दोनों में। घर को घर समझ कर रहो घर कोई डेकोरेशन की वस्तु नहीं है जैसा रख दिया वैसा ही रहेगा, घर साफ किया है तो गंदा भी होगा सफाई की सनक चरम सीमा तक नहीं होनी चाहिए। तेरे पति का भी घर है सहज रहने दिया कर, इसी तरह समझा कर चली गई।।
मैं सोच रही थी कि क्या सचमुच मैं गलत हूँ। सनक में पति से कुछ ज्यादा ही लड़ाई कर लेती हूँ????

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