सवाल

By | 2018-01-09T12:54:04+00:00 January 9th, 2018|गीत-ग़ज़ल|0 Comments

उनवान ‘ सवाल’

एक तो हमारे साथ ये बवाल हो गया।
उपर से हम्ही पर खड़ा सवाल हो गया।।

लोगों की कई बार ब्यवस्था के नाम पर।
देखा कि अवस्था का बुरा हाल हो गया।।

कहने को उसने सर पे आसमाँ उठा लिया।
और पैर भी हवा में था कमाल हो गया।।

एक दूसरे से लोग यहाँ पूछ रहे हैं।
कोई शख्स कहाँ से नमक हलाल हो गया।।

हम सोच समझ करके बोलते ही रह गये।
फिर भी हमारी बात का मलाल हो गया।।

शोहरत भी उसी के गले का हार हो गयी।
मौके पे जिसका काम बेमिसाल हो गया।।
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**जयराम राय **

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