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Jul 9, 2017
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सीख

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एक तालाब मे बहुत सी मछलिया रहती थी। उनमे से एक मछली सोने की थी नाम था सोना। एक मछवारा उसमे से मछली पकङता और अपने परिवार का पेट पालता था। मछुवारे की लङकी रोज तालाब मे मछलियो को दाना डालती थी।इसलिए सोना और उस लङकी मे गहरी दोस्ती थी।एक दिन एक जोहरी उस तालाब मे झुककर पानी पी रहा था एक हीरा उसकी जेब से निकलकर तालाब मे गिर गया। जोहरी परेशान हो गया लेकिन हीरा हथियाने का कोई चारा भी तो उसके पास नही था।वह हीरा सोना मछली को मिल गया।जब मछवारा मछली पकङने आया तो मछली ने वह हीरा उसे देते हुये कहा-ये हीरा लो और अपने परिवार का पालन करो मछलियो को मत पकङो पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए इनकी आवश्यकता है। जल इनसे ही स्वच्छ होता है। मछवारे हीरा लेकर चला गया। सोना ने जानवर होकर मछुवारे को पर्यावरण की सीख दे दी।खास इंसान भी पर्यावरण के प्रति संजिदा होता। राईटर मनोज भूरिया मौलिक रचना।

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लघुकथा

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