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Dec 4, 2017
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सुन्दरता

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सुन्दर हो हर मन का सपना

जीवन मे हर शख्स हो अपना

बैशुमार वैभव हो चाहे

गुण सम्पन्न हुदय हो अपना

द्वेष-भाव न ईर्ष्या हो मन मे

प्रेम-प्यार हो सब जीवन मे

रहे संग एक-दूजे मिलकर

यही समर्पण हो हम सबमे

सुन्दर हो मन की अभिलाषा

सुन्दर हो जीवन मे आशा

कहे कोई कुछ रहे सदा चुप

यही संस्कृति यही हो भाषा

नम्र व्यवहार हो सबके भीतर

कोमल गुण हो सबमे बढ़कर

सुन्दरता हो जीवन मे ऐसी

छूकर गुजरे सबमे होकर

झूठ-पाप से दूर रहे मन

कर्म सदा करे ये जीवन

यही निश्चय संकल्प हो सबका

तभी भरपूर्ण रहेगा ये तन।

– मुकेश नेगी

गाैहरी माफी रायवाला,देहरादून

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