हमें आजमाने को

हमें आजमाने को

नहीं है फुर्सत फिर भी ख़बर है ज़माने को |

रास्ता कौन-सा जाता है आज भी मयखाने को |

अपने वफ़ा का उसे यकीन नहीं होता है जब भी |

कोई न कोई शर्त होती है बस हमें आजमाने को ||

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