मधुर से पल

मधुर से पल हैं जिंदगी के।
आओ पलों को हम भी हैंजी लें।।
आशाओं के दीप जलाएं।
मुहब्बत की दरिया बहा दें।।
प्यार के रंगों से आओ खेलें
शमा जले आज दरिया में जाकर।।
परवाना हवाओं में भटकता डोले।
गजब हुआ मोती मिले रेत में।।
जल परियों को मिले न सागर।
बिन जल के उन्हें जीना सिखा दें।।
फूलों के रंग रोली बना दें।
हल्दी के रंग से स्वस्तिक बना दें।।
कल्पनाओं की अल्पना बना दें।
जीवन के हरपल को बदल दें।।

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