मेरी भारत माँ

मेरी भारत माँ

By |2017-09-05T08:18:23+00:00September 5th, 2017|Categories: मुक्तक/शायरी|1 Comment

1; “मै भारत माॅ का बेटा हूँ,हरगिज थक नही सकता

कांटो के हाॅ डर से भी, बदल मै पथ नही सकता।

मुझे रोकने वालो कोशिशें लाख तुम कर लो मगर,

रुकने से पहले मै कभी भी रुक नही सकता ।।”

2; “एक व्यक्ति की जो प्यास बुझाए,उसे पानी कहते है,

हँसते-हँसते मिट जाये जो वतन पर,उसे बलिदानी कहते है ।

घमण्ड करे जो अपने आप पर,उसे अभिमानी कहते है,

निष्काम भाव से करे जो देश सेवा,उसे कुर्बानी कहते है ।।”

3; “विश्व विजेता दुनिया मे प्रभु,सदा यही इंसान रहे,

प्रकृति के हर कण-कण मे प्रभु, सदा वही भगवान् रहे।

युगों- युगों तक लहरे तिरंगा,कभी न कोई व्यवधान रहे,

मै रहूँ कभी न रहूँ मगर, मेरे वतन के वीर जवान  रहें।”

4;”हमने जो नीर पिया,वो गंगा-यमुना का पानी है,

हम जिस माँ की गोद मे बड़े हुए,वो माँ भी स्वयं अभिमानी है।

जब-जब करता तू नापाक हरकतें,

सारी दुनिया जान चुकी,आतंकी पाकिस्तानी हैं।”

5; “मस्तक पर खगराज विराजत, चरणो को धोता सागर है,

उस पावन भूमि पर जन्मा हूँ,जो तिहुँ लोक उजागर है।

जिस पावन भूमि पर बहती है,माँ गंगा की पावन धार,

मेरा यह मुल्क है भारत यारो,झुकता है सम्मुख संसार ।।”

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One Comment

  1. Gangwar sudheer September 5, 2017 at 6:45 pm

    Nice

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