हमारा भारत देश और गरीब बच्चे

हमारा भारत देश और गरीब बच्चे
हम सभी जानते हैं हम देश विकासशील देश में रहते हैंहमारे देश में गरीबी एक समस्या है। आप सड़कों पर गरीब बच्चों को आवारागर्दी करते देख सकते हैं इन बच्चों के उलझे हुए बाल, और आधे फटे हुए कपड़े ऐसा लगता है जाने कितने दिन से नहाए हुए नहीं है इनके ऊपर से इतनी दुर्गन्ध आती है आप इनके नजदीक खड़े नहीं हो सकते हैं। इनकी उम्र पन्द्रह सोलह साल या उससे कम होती है और ऐसे ही आवारा घूमते रहते हैं।।
कोई भी गाड़ी लालबत्ती पर रुकती है इन बच्चों की की आंखों में एक अलग सी चमक सी आ जाती है। बच्चे भाग कर आते हैं और हाथ फैलाकर पैसे मांगते हैं। और कोई इन्हें पैसे देकर जाता है खुश हो जाते हैं अलग सी इनके चेहरे पर चमक होती है और अपने ऊपर घमंड होता है चलो एक मूर्ख बना दिया घृष्टतापूर्ण हंसी होती है। और अगर किसी ने पैसे नहीं दिए तो ये बच्चे नफरत के भाव लिए हुए दो चार गालियाँ दे ही देते हैं ये वो बच्चे होते हैं इनके मां-बाप का पता नहीं होता है
ये बच्चे सिनेमा देखने जाते हैं और अंदर से इतने भोले होते हैं और सिनेमा की बातों को सच मान बैठते हैं इन्हें लगता है कि जैसे सिनेमा में सड़क से सीधे करोड़पति बन जाते हैं इन्हें लगता है कि ये भी करोड़पति बन सकते हैं इनकी आंखों में बड़े आदमी बनने का ख्वाब पनपने लगता है।।
ऐसे बच्चे बड़ा बनने की चाहत में कुछ भी गलत काम कर गुजरते हैं। और फिर कोई भी गलत काम करने से चूकते नहीं, यही बच्चे बड़े होकर चोर और डकैत भी बन जाते हैं और डृग्स सप्लायर भी बन जाते हैं पैसों की चाहत इन्हें आंतकवादी भी बना देती है। पैसों के लिए किसी की जान लेने की जुर्रत कर बैठते हैं ये समझ नही पाते हैं कि हम हम क्या कर रहे है।यह कारूणिक और दर्दनाक स्थिति होती है और विचारणीय भी।।
हमारे समाज के सभी लोगों का दायित्व है। ऐसे बच्चों को समाज की सभी बुराइयों से बचाना चाहिए ताकि ऐसे बच्चे बड़े होकर सभ्य समाज के सभ्य नागरिक बन सकें।।

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