वो नज़र पैदा कर

रह अडिग कर्त्तव्य पथ पर, वो नज़र पैदा कर।

हर करम के तू प्रति, वो नई बंदगी पैदा कर।

काफ़िलों की भीड़ में भी तू, एक कसर पैदा कर।

दौड़ के आएंगे सभी; न हो निराश, बस हौसला पैदा कर।

जंग जीती जाती सब यहां, बस अपने लिए एक मेहरबां पैदा कर।

इस नश्वर से संसार में भी, मर कर भी हैं जीते हुए।

इस समय सबके लिए, तू एक गुफ़्तगू पैदा कर।

यह मत सोच करना है क्या?, हमें तो औरों के लिए।

हम सभी से सब हमीं से, तू वह शम्मा पैदा कर।

चार पल कटते यहां हैं, और चल पड़े सब उधर।

सब छोड़कर ही चले,तू न दरमियां पैदा कर ।

अफ़सोस मत कर जिंदगी, व्यर्थ कट जाती यहां।

छोटे-छोटे कर्म के प्रति तू, वो अडिग सोच पैदा कर ।

इंसानियत मर रही सभी की, जी रहे सब अपने लिए ।

तू छोड़ अपने गुमां को, तसब्बुर्रभरी इंसानियत पैदा कर।

तेरा क्या है जाता है यहां?, दे देगा चार पल हँसते हुए।

बन सकता तू भी फरिश्ता, तू न खरीद-फ़रोख़्त पैदा कर।

जनाज़े उठते ही जाते अक्सर यहां, और कौन बचेगा फिर तेरा यहाँ?

दो गज़ ज़मीन में सिमट जाते सभी, इसलिए वो ज़मीन पैदा कर।

तुझको न फ़िर होश होगा, और निशां न तेरा होगा वहाँ।

इसलिए रह अडिग कर्त्तव्य पथ पर, वो नज़र पैदा कर।

– सर्वेश कुमार मारुत

ग्राम व पोस्ट- अंगदपुर खमरिया, थाना- भुता , तह०- फरीदपुर (बरेली )

पिन न०- 243503

Rating: 4.4/5. From 8 votes. Show votes.
Please wait...

SARVESH KUMAR MARUT

सर्वेश कुमार मारुत पिता- रामेश्वर दयाल पता- ग्राम व पोस्ट- अंगदपुर खमरिया थाना- भुता तहसील- फरीदपुर बरेली 243503

This Post Has 3 Comments

  1. सुन्दर भाव, प्रोत्साहवर्द्धक रचना

    Rating: 5.0/5. From 1 vote. Show votes.
    Please wait...
  2. धन्यवाद, अरविन्द जी

    No votes yet.
    Please wait...
  3. prernavardhk sundar Chitran

    No votes yet.
    Please wait...

Leave a Reply

Close Menu