संघर्ष

संघर्ष…

जीवन में संघर्ष इस कदर करो,
अपना सपना पूरा करके मरो।
जीवन को संघर्ष बना लो,
संघर्ष को ही जीवन बना लो ।1।

विद्यार्थी हो तो विद्या ऐसी प्राप्त करो,
बुद्धि,बल,मेहनत से सब का विकास करो।
संघर्ष,बुद्धि,परिश्रम से ज्ञान बढ़ाओ,
लेकिन आलस्य से समय न गवाओ ।2।

कवि,साहित्यकार हो तो कुछ ऐसा लिखो,
हर तरफ हवा के झोंके से शब्दों के बाण चलाओ।
संघर्ष का दिया ऐसा जलाओ,
न तुम बूझो न किसी और को बुझाओ ।3।

नेता हो तो कुछ ऐसा करके दिखलाओ,
आम आदमी को कभी न सताओ।
किसानों को उचित मूल्य दिलाओ,
भ्रष्टाचारियो को सबक तुम सिखलाओ ।4।

शिक्षक हो तो ऐसी शिक्षा दो,
अज्ञान का पर्दा हर किसी के मन से हटा दो,
कर्म अच्छे करने की सीख दो,
अच्छी सोच तुम इनकी बना दो ।5।

व्यापारी हो तो व्यापार ऐसा करो,
ईमानदारी का दिया कभी न बुझने दिया करो।
धन को लक्ष्मी बनाओ,
धन को दलाली न बनाओ ।6।

जीवन को संघर्ष बना दो,
संघर्ष को ही अपना जीवन बना लो,
मेहनत करो ईमानदारी से,
भरोसे मत रहो हाथो की लकीरों पे ।7।

संघर्ष का दिया इस कदर जलाओ,
आलस्य से इसे न बुझाओ न बुझने दो,
मेहनत का तेल डालकर इसे और चमकाओ,
आलस्य को अपने जीवन पर हावी न होने दो ।8।

।।जीवन को संघर्ष बना लो….
…….संघर्ष को जीवन बना लो।।

– हर्षित भावसार

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