मैं तो हूँ एक विद्रोही

Home » मैं तो हूँ एक विद्रोही

मैं तो हूँ एक विद्रोही

मैं तो हूँ एक विद्रोही
—————

तर्क कसौटी पर कसता मैं बात तभी अपनाता हूँ ।
मैं तो हूँ एक विद्रोही विरुद्ध लहर के जाता हूँ ।

पाखंडवाद से घृणा करता मानव से मैं प्यार करूँ ।
मानव में ही ईश्वर दिखता पत्थर को न प्यार करूँ ।

जाने कितने ढोंगी,मूर्ख हमने तो पुजते देखे ।
इनके हाथों चीरहरण नित अबला के होते देखे ।

पत्थर को जलपान करायें लोगों का अपमान करें ।
कालेधन के हिस्से से ईश्वर का सम्मान करें ।

ईश्वर देता होता तो भिखमंगों की फौज न होती ।
दुनिया की दौलत में केवल कुछ की ही मौज न होती ।

ईश्वर का भय दिखलाकर, पागल खूब बनाया है ।
पाखंडी लोगों की बातें कोई समझ न पाया है ।

बिना परिश्रम मिले न ‘पाई’ मैं तुमको समझाता हूँ ।
मैं तो हूँ एक विद्रोही विरुद्ध लहर के जाता हूँ ।

Say something
No votes yet.
Please wait...
20 वर्ष एक शस्त्र सैनिक के रूप में भारतीय वायु सेना में सेवा के उपरांत वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी संपर्क सूत्र 9999480645 Email-bihor22@gmail.com

Leave A Comment