कबूतरों की उपयोगिता को

सन्देह की दृष्टि से देखने लगे हैं लोग

प्रेम पत्रों के लोप के बाद से

कबूतर जब नदी झरनो जंगलों के ऊपर से

ले जाते थे उन्हे गंतव्य तक

तो इन सबकी खुशबू भर जाया करती थी उनमे

ऐसे पत्र कभी बासी नही होते थे

न ही कभी बासी होता था

उनकी पंक्तियों की पोरों से

टपकता हुआ प्रेम

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One Comment

  1. Onika Setia

    सत्य वचन

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