तू मेरी होकर भी मुझे लगती परायी है।

तेरी याद ही मुझको यहां खींच लाई है,
तू मेरी होकर भी लगती मुझे परायी है।

मैं खुद नही जानता कितना चाहता हूं तुझे,
तू मेरे दिल,धड़कन,मेरे साँसों में समायी है।

तेरे खूबसूरती को देख लगता है मुझे जैसे,
कोई जन्नत की परी जमीं पर उतर आयी है।

तेरे लबों पर हसीं को देख लगता है जैसे,
मुद्दतों बाद इस हसीं चेहरे पे खुशी आयी है।

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