मेरे प्रिय प्रेमी,
लिखना चाहती हू ढेर सारी बातें भरे
प्रेम पत्र
पर
लिखा न पाती एक तिनका अक्षर ।
क्यों
समझ न पाती ।
क्या पत्र से निकालनेवाला है प्रेम?
नहीं
आँखों में फँसकर
मन पर लिपटकर
साँस में व्याप्तवाला है प्रेम ।
इसलिए
मेरे प्रिय प्रेमी
लिखना चाहती हू ढेर सारी बातें भरे
प्रेम पत्र
पर
लिखना न पाती एक तिनका अक्षर ।
आप की प्रेयसी

के पद्मिनी

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