प्यारी है बेटियां

पढ़ लिख कर नाम अब तो कमाती है बेटियां,
हर गुण में आगे बढ़ती बढ़ाती है बेटियां,
जीवन के सुख-दुःखों में हाथ बढ़ाती है बेटियां,
माता-पिता का ध्यान सदा रखती है बेटियां ।

रिश्तों को बखूबी से निभाती है बेटियां,
ससुराल और माइका चलाती है बेटियां,
रिश्तों के डोर को न भूलाती है बेटियां,
सारे दुःखों को अपने छुपाती है बेटियां ।

ऊँचे पदों पर बैठ नीयम बनाती है बेटियां,
अपने – परायें का फर्क मिटाती है बेटियां,
दुःख – दर्द में सभी को हँसाती है बेटियां,
पुरूषों के साथ कंधा मिलाती है बेटियां ।

नफरत से प्यार के तरफ ले जाती है बेटियां,
बेटी – बहू बन करके घर चलाती है बेटियां,
घर काम करके नौकरी पर जाती है बेटियां,
पढ़ने में अव्वल अंक ले आती है बेटियां ।

शिक्षा में अपनी पहचान बनायी है बेटियां,
शिखरों की चढ़ाई पे चढ़ आयी है बेटियां,
राष्ट्रपति व मंत्री पद को निभाई है बेटियां,
देश – विदेश में सम्मान पायीं है बेटियां ।

स्वर्ण पदक को जीत करके लायीं है बेटियां,
राणा प्रताप, शिवा की माई है बेटियां,
मर्दानी बनके अंग्रेजों को भगाई है बेटियां,
फिर कहते ऐसे क्यू हो परायीं है बेटियां ।

डॉ. अर्चना दूबे

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