वो और मेरा प्यार

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वो और मेरा प्यार

सुना है जंगलों का भी कोई दस्तूर होता है
प्यार दिलवालों से करो तो क़बूल होता है

ये प्यार कोई माचिस की तीली नहीं
जब होता है तो हरपल, भरपूर होता है

वो कहते हैं तुम्हें मुझसे प्यार क्यों है, अब
क्या बताऊँ जब होता है तो बेवज़ह बेइंतहा होता है

माना कि दोस्ती सबसे अच्छा रिश्ता है लेकिन
जब तन्हा हों तो पास बस प्यार होता है

वो प्यार पर बड़े बड़े लेक्चर देते हैं मुझे
अब प्यार फिजिक्स की क्लास थोड़े न होता है

वो कहते हैं हम तुम अच्छे दोस्त हैं
पर बताइए कहीं दोस्ती में रेड रोज़ होता है

©राघवेश यादव ‘रवि’

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