चले आओ साजन घर तुम अपने
चांद पर जाकर भर लायी सितारे
जगमगा उठा मेरा घर आंगन
चमेली लगायी आहते में अपने
शशि ने फैलायी कौमुदी की किरणे
खुश्बु से भर गया दामन अपना

चले आओ साजन घर तुम अपने
बादलों में काली घटाएँ फैली
व्यथाएं उनको दे आना तुम अपनी
नदियां की थारा जो बह रही
बहा आना उसमें दुख दर्द अपने
उलझनें अपनी पृथ्वी को देआना
समा लेगी दर्द आंचल में अपने
बस प्यार लेकर तुम आ जाना
चले आओ साजन घर तुम अपने
#नीरजा शर्मा #
नायिका अपने प्रेम में खोयी हुयी है और सोच रही है कि मैंने अपने साजन के लिए हर तरह से घर सजाया हुआ है। अतः अपने दुख दर्द छोड़ कर केवल प्यार और प्रसन्नता लेकर आ जाओ

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