प्रभात

प्रभात

By |2018-02-03T20:53:26+00:00February 3rd, 2018|Categories: कविता|0 Comments

प्रभात की बेला आए
धूप चमकते पौधे
चारों ओर सुनहरी छाया
फूलों की अदभुत शोभा
गुंजन भवरों का अनोखा
कलिका मोहित सा करती
शाखाएं रमणीय मुझ पर
ये रुप सलोना मेरा
पवन बार बार दें झोंके
मुझे प्रेम गीत सा लगता
आदित्य नमन तुझे मेरा
भर दे तु अपनी आभा

#नीरजा शर्मा #

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