अनाथ – नाथ

उसे नहीं  मालूम था अनाथ क्या  होता है वह तो बस इतना जानती थी के माँ हमेशा नाथ-नाथ पुकारती रहती थी उसने माँ को पूछा था माँ  नाथ  क्या होता है माँ ने बताया था कृष्ण भगवान  पूरे संसार के नाथ है वो सब की रक्षा करते हैं सबकी मदद् करते  है  उसे लगा मैं अनाथ हो गयी हूँ इसका मतलब मैं भगवान से भी बड़ी नाथ हो गयी हूँ क्यों की अब तो मुझे सभी अनाथ अनाथ  बुलाते हैं तो मेरा नाम तो भगवान के नाम से भी बड़ा है उसी दिन से उसने सोच लिया  था वो अब रोऐगी नहीं और हिम्मत नहीँ हारेगी अपने अनाथ होने के नाम को नाथ में बदल देगी और  सभी की मदद करगी  तकलीफ़ों से घबराऐगी नहीं  इसलिए उसने अपने लिए कभी भगवान से कुछ नही माँगा जो भी माँगती अनाथों के लिये माँगती और एक दिन वह बहुत बड़ी समाज सेवी बनी।

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This Post Has One Comment

  1. छोटी लेकिन बहुत ही सुन्दर प्रेरक बाल कहानी… लिखते रहें।

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