फ़ना हो गये

फ़ना हो गये

By |2018-02-11T16:37:37+00:00February 11th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

आप हमसे जुदा हो गये
चांद तारे ख़फ़ा हो गये

हमको कहकर गये बेवफ़ा
और ख़ुद पारसा हो गये

ले के मासूम चेहरा भला
क़ातिलों की अदा हो गये

जो गुज़ारे थे पल साथ में
उम्रभर की सज़ा हो गये

पल में आंधी चली इस क़दर
ख़्वाब सारे हवा हो गये

पार हद जब हुई दर्द की
दर्द सारे दवा हो गये

दिल के जज़्बात उमड़े हैं जो
आंसुओं की रिदा हो गये

( रिदा = चादर )

ज़िन्दगी लाश की है तरह
इश्क़ में हम फ़ना हो गये

आशिक़ी का असर वो दिखा
क्या से ‘आनन्द’ क्या हो गये

स्वरचित
डॉ आनन्द किशोर
दिल्ली

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~~~~~~~||| * परिचय *|||~~~~~~~ नाम : डॉ आनन्द किशोर ( Dr Anand Kishore ) उपनाम : 'आनन्द' सुपुत्र श्री लेखराज सिंह व श्रीमती रामरती धर्मपत्नी : श्रीमती अनीता पता : मौजपुर , दिल्ली शैक्षिणिक योग्यता : M.B.,B.S. सक्रिय लेखन : ग़ज़ल, कविता, गीत में विशेष रूझा

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