होली का रंग

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होली का रंग

By |2018-02-15T22:27:05+00:00February 15th, 2018|Categories: कविता, होली|Tags: , , , , |2 Comments

होली का रंग लाया उमंग ,

कहता है यारा चल मेरे संग।

बँटती है भंग, बढ़ती हुड़दंग,

गुलाल भरता अंगों पर रंग ।

गोपियाँ करती, ग्वालों को तंग,

प्रेम में रंगता मन का विहंग ।

तन- मन में छाए जैसे अनंग,

सबमें होती मीठी- सी जंग ।

गोविंदाओं का ऐसा है ढंग,

वादियों में छाया नवरंग ।

जो भी करता अपने पे दंभ,

रंग का खुमार करता है भंग।

–डा० उपासना पाण्डेय

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परास्नातक,संस्कृत, इ०वि०वि०।(लब्ध -स्वर्णपदक) डी०फिल०, संस्कृत विभाग, इ०वि०वि०।

2 Comments

  1. Pallo March 3, 2018 at 8:01 am

    होली के खूबसूरत रंगो की तरह
    आपको और आपके परिवार को
    हमारी तरफ से बहुत बहुत रंगो भरी
    उमंगो भरी शुभकामनाएँ।

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  2. Upasana Pandey March 28, 2018 at 4:03 pm

    पालो जी ! होली की शुभकामना के लिए शुक्रिया। उत्तर में देरी के लिए क्षमा चाहती हूँ।

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