होली गीत

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होली गीत

मधुर मधुर कभी मंद मंद,,

मधुमासी पवन बलखाय रही है…

रतिके उर में मादकता से,,

काम को भी सुलगाय रही है…..

होली में कृष्णा की ढिठाई,,

मृदुता से राधे निभाय रही है…..

प्रीत में रंग से डूब पूर्णता,,

आराधिके कुम्हलाय रही हैं….

@_वंदना  ,अहमदाबाद

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One Comment

  1. saurabh_1 February 28, 2018 at 10:36 pm

    अति- सुन्दर!!

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