नववर्ष आगमन

Home » नववर्ष आगमन

नववर्ष आगमन

सर्वत्र प्रफुल्लित दृष्टिगत चमन ,

   नव आस से उल्लसित मन ।

जीवन के कष्टों का करता शमन,

नव-वर्ष का शुभ आगमन ।

 

आसुरी प्रवृत्तियों का हो दमन,

अपशब्द का मानव न करें वमन।

‘माँ भारती ‘को कोटि-कोटि नमन,

प्रत्येक प्राणी का सात्त्विक हो मन।

 

राष्ट्ररोधी प्रवृत्तियों का हो गमन,

राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण हो मानव-मन।

राष्ट्र में सर्वत्र व्याप्त हो अमन ,

नववर्ष का मंगलमय हो आगमन ।

Say something
Rating: 4.5/5. From 18 votes. Show votes.
Please wait...

About the Author:

परास्नातक,संस्कृत, इ०वि०वि०।(लब्ध -स्वर्णपदक) डी०फिल०, संस्कृत विभाग, इ०वि०वि०।

Leave A Comment

हिन्दी लेखक डॉट कॉम

सोशल मीडिया से जुड़ें ... 
close-link