आस्था

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आस्था

By |2018-03-20T20:42:33+00:00March 20th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

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🙏आस्था🙏
2122 2122 2122 212

हर किसी की आस्था का मान होना चाहिये
सबके हैं विश्वास सच्चे भान होना चाहिये

जो भी पुरखों ने सिखाया हर हिदायत है भली
हर नसीहत पर हमारा ध्यान होना चाहिये

हो तरीक़ा कोई सा भी पर इबादत रब की हो
वो अकेला सबका मालिक ज्ञान होना चाहिये

सिर्फ़ सच्ची हो रवायत आदमी के हित में हो
हर किसी का फ़ायदा सम्मान होना चाहिये

मुफ़लिसो-लाचार हैं जो वास्ते उनके सदा
दिल में सबके ही सख़ावत, दान होना चाहिये
( सख़ावत = दानशीलता / उदारता )

आरती , पूजा , नमाजें या इबादत भी कहो
नाम रख लो कुछ भी लेकिन ‘ध्यान’ होना चाहिये

आस्था ‘आनन्द’ सबकी है अलग तो क्या हुआ
एक ही मंज़िल के रस्ते , ज्ञान होना चाहिये

स्वरचित
डॉ आनन्द किशोर
दिल्ली

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~~~~~~~||| * परिचय *|||~~~~~~~ नाम : डॉ आनन्द किशोर ( Dr Anand Kishore ) उपनाम : 'आनन्द' सुपुत्र श्री लेखराज सिंह व श्रीमती रामरती धर्मपत्नी : श्रीमती अनीता पता : मौजपुर , दिल्ली शैक्षिणिक योग्यता : M.B.,B.S. सक्रिय लेखन : ग़ज़ल, कविता, गीत में विशेष रूझा

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