ऐसा दिल चाहिए

ऐसा दिल चाहिए

ज़िन्दगी में खुशी मिले तो क्या चाहिए
खुशी बांटने वाला हमदम मिले तो क्या चाहिए
हों बहुत प्यार करने वाले तो क्या चाहिए
ये दिन प्रतिदिन बढ़ कर मिले तो क्या चाहिए
ईश्वर ने दी ज़िन्दगी और क्या चाहिए
जितना मिल गया है तो अधिक क्या चाहिए

ये जीवन है अनमोल, मोल समझने वाला चाहिए
मिली खुशी न देख, गम का मोल चाहिए
बन सके जो अंधेरों में सहारा ऐसा प्रकाश चाहिए
अपने लिए तो सब जीते हैं गम पे तो सब रोते हैं
मुझे चाहिए एक अनूठा विस्वास और प्यार
गमों को सह मिले सिर्फ पल भर का प्यार
जीवन जीने वाले हर जीव की जो है लालसा
मुझे तो सिर्फ एक दिल चाहिए
“माँ” जैसा दिल चाहिए……….

न धन चाहिए न धनवान चाहिए
जो दे दिल से प्यार वो यार चाहिए
न सूरत चाहिए शरीर चाहिए
न लफ्ज चाहिए न लफ्फाज चाहिए
जो दे दिल से प्यार वो संग चाहिए
न तख्त चाहिए न ताज चाहिए
न देश चाहिए न दीवार चाहिए
न खून चाहिए न बलिदान चाहिए
जो दे दिल से प्यार वो चन्द पल चाहिए
न हो जिसका कोई मोल
न सके जिसको कोई तोल
अब तो समझ जा “साकी”
उस यार संग चन्द्र पल चाहिए…..

सुबोध उर्फ सुभाष

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