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By |2018-03-22T23:12:20+00:00March 22nd, 2018|Categories: अन्य|Tags: , , |0 Comments

विश्वास पे खड़ा है हर चीज
एक वक्त से लड़ा है हर चीज
‘परिन्दे’ दो पंख से नाप लेते हैं आसमान
आसमान से बड़ा है हर चीज
——–******———
एक वजह थी, यूं रुठने की
एक वजह थी, दिल टूटने की
चाँद को सपने देखना, ये मयस्सर नहीं
पर एक वजह थी –
सपने में चाँद टूटने की
——-*****——-
लाश के ढेर पर –
कुत्ते लोट रहे थे
मानो, कह रहा हो
कि इनके लिये कोइ रोने वाला तक नहीं |
——*****——
उनकी आंखों में एक हसीन संसार छुपा था
मैं नसीब वाला था –
जो उसने मुझसे आंखें चार कर ली |
——-******—–

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