चौका

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चौका

By |2018-04-17T02:10:00+00:00April 17th, 2018|Categories: कविता|Tags: , |0 Comments

कष्ट में मन,
देश की बालाएं रोती;
चीख पुकार,
मन को हिला देती;
आंसू बहते,
माता पिता रोते हैं;
नहीं चाहती,
फिर भी अपमान,
सह रहीं हैं,
कृष्ण तुम कहां हो?
बालिकाएं बचाओ |
       -नीरजा शर्मा

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