गर्मी की दोपहर

Home » गर्मी की दोपहर

गर्मी की दोपहर

हवाओं में जहर सा छा रहा है,
मजा अब दोपहर का आ रहा है….. !
ये सूरज की तपिस,यादें पुरानी गर्म करती है,
कहीं फिर दर्द का एक गीत कोई गा रहा है …..!

 

Say something
Rating: 5.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...

About the Author:

Leave A Comment