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By |2018-04-21T20:44:21+00:00April 21st, 2018|Categories: कविता|Tags: , |0 Comments
  • हवा जब नही चलती
    सांसे घुटने लगती है
    पानी जब नही बहता
    पीना मुश्किल हो जाता
    सूरज जब नही आता
    दिन बोझिल हो जाता
    चांद का छिपना योगी
    रात को काली कर जाता
    निश्च्छल हंसी से तो
    यारो जग है मुस्काता
    भूल के गम सारे अपने
    जीवन आगे बढ पाता
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