प्यार

प्यार

By |2018-06-11T23:03:50+00:00June 11th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

अपनी ही शर्तों पर मैंने करार कर लिया

जाने अनजाने में उससे प्यार कर लिया

 

कभी ठहरा न था किसी अंजान खातिर

पर न जाने कैसे उसका इंतजार कर लिया

 

मेरे आंगन में चांद निकल आया था, तो

उस अनंत सत्ता का मेंने आभार कर लिया

 

राही को राह जब मिल ही गयी तब

सफर न जाने कितनी बार कर लिया

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