डीपी, एक गंभीर समस्या

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डीपी, एक गंभीर समस्या

By |2018-06-06T21:05:19+00:00June 6th, 2018|Categories: हास्य कविता|Tags: , , |0 Comments

 

हो रहा परेशान मे
कुछ नही कर पाया हुं,
थक कर हार गया हुं
पर अच्छी डीपी नही ले पाया हुं,

लेकर नया पेंट शर्ट मे आया हुं
कोटी को भी मे चढाया हुं,
लगाया हे परफ्युम बहुत
और इत्र भी लगाया हुं,

काला चश्मा लगाया हुं
कभी सीधा तो कभी130 एंगल बनाया हुं,
आ जाये कोई सेल्फी अच्छी
फेस पर पाऊट भी बनाया हुुं

मंहगी घडी जिद से खरीदवाया हुं
नयी डिजाईन के बाल भी कटवाया हु,
ना दिखे जुतो पर धुल
चमकदार पॉलिस भी करवाया हुं,

आ गया धुप से लेकर छांव तक
पसीने से खुब नहाया हुं,
थक कर हार गया हुं
पर डीपी नहीं ले पाया हुं…

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