मेरे आगमन की सूचना को,  प्रथम जिसने बतलाया,
मेरी हरकतों को,  अहसास कर जिसने बतलाया,
मेरी पहली चीख पर,जिसने  मुस्कुरा गले लगाया,
मेरी हर चोटदर्द पर, मलहम पट्टी कर सहलाया,
टेढ़ी मेढ़ी राहों पर,ता ता थैया  चलना सिखलाया,
लिखती तो खूब हूं पर,पकड़ हाथ  लिखना सिखलाया,
वो तुम ही तो हो मां,  हां  मां तुम ही तो हो।

Say something
Rating: 4.0/5. From 1 vote. Show votes.
Please wait...