योग

आगामी योग-दिवस पर
योग
(पंकज कु. वसंत )

योग नहीं केवल तपस्या
योग नहीं केवल संयोग
योग से न केवल मानव बल
योग फ़क़त नहीं करे निरोग ।
योग-ध्यान युक्ति मुक्ति की
योग स्वयं से अनुरक्ति
योग-सार उपचार स्वयं का
योग मौन से आसक्ति ।
योग-क्षेम अभाव की पूर्ति
योग-सिद्धि से समृद्धि
योग-पुरुष ही योग्य-पुरुष
योग-धर्म से प्रसिद्धि
योग-गुण सिद्ध हो ग़र व्यष्टि
हो समृद्ध फिर समष्टि ।

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