आधुनिक प्रेम

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आधुनिक प्रेम

By |2018-07-05T21:10:46+00:00July 5th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

 

आधुनिक दौर है यह
प्रेमियों को है ये भ्रम

धन और वासना को समझे प्रेम धर्म
भावना का न समझे मर्म

धन और वासना से है ये तर
है ये कैसा प्रेम पंथ

समझे न ये प्रेम की पीड़ा
प्रेम को समझे मात्र एक क्रीड़ा

-प्रीति चौधरी

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